बेरोजगारी क्या हैं और इसके प्रकार

क्या आप जानते हैं बेरोजगारी क्या हैं और कितने प्रकार की होती हैं? बेरोजगार किसे कहते हैं और इसके मुख्य कारण क्या हैं? बेरोजगारी की हानिया क्या हैं और इसे कैसे दूर कर सकते हैं.

ऐसे बहुत से सवाल है जो एक आम आदमी के जेहन में आता है जब वो बेरोजगारी की समस्या से जूझता है. यह किसी भी देश के लिए प्रमुख समस्या बनी हुई हैं और ख़ास कर भारत में इसकी समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं.

बेरोजगारी के पीछे बहुत से कारण है जो किसी को भी बेरोजगार बना देती है जैसे कि शिक्षा का अभाव , रोजगार की कमी, प्रदर्शन संबंधी प्रॉब्लम्‍स, इत्यादि.

यह समाज में एक नकारात्मक छवि के साथ – साथ देश के विकास और उन्नति में भी प्रभाव डालती हैं. आर्थिक विकास रुक जाती हैं और लोग दिन प्रतिदिन उम्मीद खोने लगते हैं.

इसलिए आज की इस आर्टिकल में आपकों बेरोजगारी से संबंधित सभी बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं ताकि आप इस समस्या को हल करने में अपनी भूमिका निभा सकें.

वैसे तो बेरोजगारी की समस्या को हल करने का काम देश की सरकार को जाता है लेकिन उसके साथ – साथ आपका भी जिमवारी बनती हैं कि आप इसमे अपनी योगदान दे.

विषय-सूची

बेरोजगारी क्या हैं – What is Unemployment in Hindi

बेरोजगारी क्या हैं
बेरोजगारी के बारे में जानकारी

बेरोजगारी का मतलब होता है जब किसी देश में काम करने वाले लोगों की संख्या अधिक है लेकिन काम करने के लिए कोई कार्य नहीं मिल रही हैं, तो उस विशेष अवस्था को ‘ बेरोजगारी’ (Unemployment) कहते हैं.

ऐसे लोग जो काम करने के लिए मन और तन से बिल्कुल भी ठीक है लेकिन कोई काम नहीं मिल रहा है कि वे अपनी देखभाल अच्छी तरह से करें, तो ऐसे व्यक्ति को आम भाषा में “बेकार” कहा जाता है.

बेरोजगार किसे कहते हैं – Berojgar Kise Kahte Hai 

किसी भी व्यक्ति को बेरोजगार तब कहा जाता है जब उसके पास कोई रोजगार ( Work) का कोई साधन नहीं हो फ़िर भी वो काम करना चाहता हो.

दुनिया भर में बेरोजगारी की समस्या के कारण बहुत से लोग परेशान हैं और काम करने के योग होने के बावजूद भी उन्हें बेरोजगार रहना पड़ रहा है.

इसके दूसरे तरीके से देखा जाए तो बेरोजगार वो है जो वर्तमान में काम नहीं ढूंढ पा रहा या जिसे काम नहीं मिल रहा, जो पूरे तरह से काम की तलाश में हैं और काम करने के लिए उपलब्ध है. इसके बावजूद भी उसे किसी भी प्रकार का रोजगार नहीं मिल रहा है ताकि वो अपनी जीवनशैली को अच्छी तरह से चला सकें.

बेरोजगारी के प्रकार – Types of Unemployment in Hindi

वैसे बेरोजगारी के प्रकार के विषय में बात तो नहीं करना चाहिए क्योंकि कुछ लोग कहेंगे यार बेरोजगारी तो बेरोजगारी हैं इसकी क्या प्रकार?

उनकी बात तो सही है लेकिन यदि आप इसके बारे में अच्छी तरह से जानकारी लेना चाहते हैं तो आपकों इसके प्रकार के बारे में जानना चाहिए.

1. ऐच्छिक बेरोजगारी (Voluntary Unemployment)

ऐसा बेरोजगारी जो मार्केट में चल रहे rate के मुताबिक काम नहीं करना चाहता है यानी वे मार्केट से ज़्यादा की मजदूरी की मांग कर रहा है लेकिन उसको उतनी रेट मिल नहीं रही हैं इसलिए वो बेरोजगार है और  इस प्रकार के बेरोजगारी को ऐच्छिक बेरोजगारी कहा जाता है.

यहां पर लोग काम तो करना चाहते हैं लेकिन अपने demands के मुताबिक, इसलिए कोई जल्दी से राज़ी नहीं होता है. इस case में यदि आपका काम बहुत excellent होगा और market में कोई आपके जैसा काम नहीं कर रहा होगा और उसे काम करवाना अनिवार्य है तब वो आपके मांगे rate के लिए मान जाएगा नहीं तो आमतौर पर इस प्रकार की मजदूरी नहीं मिलती हैं.

2. अनैच्छिक बेरोजगारी (Involuntary Unemployment)

इस प्रकार की बेरोजगारी में आमतौर पर मार्केट में चल रहे रेट के हिसाब से काम करने के लिए तैयार हो जाता है लेकिन फिर भी उसको काम नहीं मिलता.

इस प्रकार के व्यक्ति आमतौर पर अपने परिवार में मुख्य होते हैं और योगता होने पर भी उन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता. और ऐसे में उन्हें अनैच्छिक बेरोजगार कहा जाता है.

ऐसे बेरोजगारी मुख्य रूप से कृषि-श्रमिको, शिक्षित लोगों में पाई जाती है जो अपने गाँव से सिटी में रोजगार के अवसर में आए हुए होते हैं और बहुत घूमने के बावजूद भी कोई काम नहीं मिलता.

3. चक्रीय बेरोजगारी (Cyclical Unemployment)

इस प्रकार की बेरोजगारी तभी देखने को मिलता है जब अर्थव्यवस्था में चक्रीय ( Cyclical) ऊपर नीचा होता है. यह आमतौर पर देश में मंदी, आर्थिक सुस्ती, आदि होने के कारण पैदा होता है.

हम आपको बता दें कि आर्थिक की अवस्था में आर्थिक क्रिया ऊपर पाई जाती हैं और साथ – साथ रोजगार का  स्तर भी ऊंचा पाया जाता है.

4. प्रतिरोधात्मक या घर्षण जनित बेरोजगारी (Frictional Unemployment)

जब कोई व्यक्ति एक रोजगार को छोड़कर कोई दूसरा रोजगार में जाता है तब इसके दौरान उसके पास कोई काम नहीं होता है इसलिए इस अवधि को घर्षण जनित बेरोजगारी कहते हैं.

इस प्रकार के बेरोजगारी में हो सकता है कंपनी या organisation ने कोई नई technology का उपयोग किया हो जिसके कारण अब उस वेक्ति का कोई हो सकता नहीं है इसलिए उन्होंने इसे बाहर निकाल दिया.

ऐसे में वह भी थी और कोई नहीं रोजगार की तलाश में होता है और उसके पास फिलहाल में कोई काम नहीं होता जिसके चलते उसे आप प्रतिरोधात्मक बेरोजगार  कह सकते हैं.

5. मौसमी बेरोजगारी (Seasonal Unemployment)

इस प्रकार के बेरोजगारी आमतौर पर कृषि के क्षेत्रों में जुड़े लोगों में पाई जाती है. जब किसी फसल की कटाई, बुवाई, जुताई आदि का समय आता है तब बहुत सारे लोगों का रोजगार का अवसर मिलता है.

लेकिन जब वही कृषि खत्म हो जाती है जब वे लोग बेरोजगार बैठ होते हैं ऐसे में इस प्रकार की बेरोजगारी को हम मौसमी बेरोजगारी कहते हैं.

इसका अर्थ यह हुआ कि एक व्यक्ति को वर्ष के केवल मौसमी महीनों में ही काम या रोजगार मिल सकता है और भारत के कृषि क्षेत्र में यह आम बात है.

एक स्टडी के दौरान ऐसा पाया गया है कि यदि कोई किसान वर्ष में केवल एक ही फसल का खेती करता है तब ऐसा माना जाता है कि बाकी समय वह बेकार बैठा रहता है.  और इस अवधि को हम मौसमी बेरोजगारी करते हैं.

6. संरचनात्मक बेरोजगारी (Structural Unemployment) 

जब अर्थव्यवस्था में होने वाले संरचनात्मक ( structural) बदलाव के कारण लोग बेरोजगार हो जाते हैं और उन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता है, तो इस प्रकार को संरचनात्मक बेरोजगारी कहते हैं.

यह आमतौर पर तब प्रकट होती है जब मार्केट में दीर्घकालिक स्थितियों में बदलाव आता है. इसे समझने के लिए इस उदहारण को देखें : जैसे कि हम जानते हैं कि स्कूटर का उत्पादन अब बंद हो गया है और कार की उत्पादन तेजी से बढ़ रही हैं ऐसे में जो लोग स्कूटर के mechanic थे वे तो बेरोजगार हो गए न.

और वही कार बनाने वाले मैकेनिक की डिमांड इसके कारण बढ़ गई. ऐसी बेरोजगारी आपकों देश में तभी देखनो को मिलती हैं जब आर्थिक संरचना में परिवर्तन होता है.

7. तकनीकी बेरोजगारी

तकनीकी प्रयत्नों से होने वाले रोजगार की कमी को तकनीकी बेरोजगारी करते हैं.  आजकल हर क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है जो बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण भी है.

आने वाले समय में कंपनी और ऑर्गेनाइजेशन robot पर डिपेंड हो जाएगी और कुछ तो AI का इस्तेमाल करेंगी ऐसे में नई तकनीकी लोगो के लिए सबसे बड़ा बेरोजगारी का कारण बन जाएगी.

8. शिक्षित  बेरोजगारी

शिक्षित बेरोजगारी से कहने का मतलब यह है कि ऐसे लोग शिक्षित होते हैं लेकिन उनके पास कोई रोजगार नहीं होता या अल्प बेरोजगारी का शिकार होते हैं.

कुछ तो आपको अच्छे Degree लेने के बावजूद भी  बेरोजगार पाए जाते हैं और रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं इसलिए इस प्रकार के अवधि को शिक्षित बेरोजगारी कहा जाता है.

और यह बिल्कुल भी अच्छी बात नहीं है कि किसी भी देश के शिक्षक लोग बेरोजगार हो, अगर ऐसा हाल रहा तो अशिक्षित लोगों को तो रोजगार पर से उम्मीद ही छोड़ देनी चाहिए.

बेरोजगारी दर क्या है? – What Unemployment Rate in Hindi

बेरोजगारी दर देश और दुनिया में बेरोजगार लोगों को प्रतिशत के हिसाब से व्यक्त करता है. इसे अंग्रेज़ी में ” Unemployment Rate” कहा जाता है जो एक रूप से श्रम बल का हिस्सा है.

यह एक प्रकार से lagging indicator है, जिसका अर्थ है कि यह आम तौर पर बदलती आर्थिक परिस्थितियों के मुताबिक उच्च – नीच होता है, न कि इसे अनुमान लगाने पर ।

बेरोजगारी की हानिया – बेरोजगारी हिंदी में 

वैसे तो बेरोजगारी की समस्या सबसे बड़ी देश की जनता को होती है लेकिन इसके साथ-साथ उस देश की सरकार को भी होती है क्योंकि बेरोजगारी होने के कारण सरकार high cost में चीजें खरीद कर उसे सस्ते में आम लोगों को उपलब्ध करवाती हैं.

और ऐसा करने से सरकार को बहुत हानि पहुंचती हैं इसलिए उनको नए रोजगार के अवसर के बारे में सोचना चाहिए और लोगों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा रोजगार उपलब्ध करवाने चाहिए.

भारत में कितने प्रतिशत लोग बेरोजगार है?

देश दुनिया में आर्थिक  सुस्ती होने के कारण बेरोजगारी की समस्या अब चिंताजनक की बात हो गई है.  हम आपको बता दें कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई)  के मुताबिक शिक्षित लोगों कि बेरोजगारी 60 फीसदी बढ़ गई हैं.

आईएलओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि बेरोजगार लोगों की संख्या 2020 में बढ़  2.5 अरब हो जाएगा, जो सचमुच एक चिंताजनक की बात है.

2019 के रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 2 करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हैं जिनमें से बहुत सारे लोगों के पास अच्छी Degree मौजूद है फिर भी वह रोजगार के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं.

इसे भी पढ़े :

भारत में बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?

वैसे बेरोजगारी कि मुख कारण यदि हम देखे तो भारत में कुछ इस प्रकार पाए जाते हैं.

1. जनसंख्या में वृद्धि

देश की बढ़ती जनसंख्या के कारण बेरोजगारी की समस्या  दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.  और भारत में जनसंख्या की तेजी से वृद्धि के कारण यह बेरोजगारी की समस्या का मुख्य कारण है.

2.आर्थिक विकास में धीमी

धीमी गति से देश की आर्थिक विकास होने के कारण लोगों को बेरोजगारी की सामना करना पड़ता.  इसलिए यह आवश्यक है कि देश तेजी से आर्थिक विकास करें ताकि लोगों को रोजगार मिल सके.

3. मौसमी व्यवसाय

जैसे कि हम जानते हैं कि हमारा देश का लगभग हिस्सा कृषि क्षेत्र में योगदान देती है इसलिए वर्ष में केवल एक बार कृषि होने के कारण लोगों को बाकी समय में रोजगार नहीं मिलता इसलिए यह एक चिंताजनक की बात.

4. औद्योगिक क्षेत्रों में धीमी

देश में औद्योगिक क्षेत्रों में विकास धीमी गति से होने के कारण लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रही हैं इसलिए यह बेरोजगारी  का कारण हो गई है.

5. कुटीर उद्योग में गिरावट

कुटीर उद्योग में गिरावट होने के कारण बहुत सारे कारीगर बेरोजगार हो चुके हैं और उनको कोई कार्य नहीं मिल रहा जिससे वह काम कर कर अपनी बेरोजगारी की समस्या दूर कर सकें.

भारत में बेरोजगारी को दूर कैसे कर सकते हैं? 

यहां पर बेरोजगारी को दूर करने के लिए कुछ उपाय दिए गए हैं जिससे हमें लगता है कि सही तरीके से अपनाने से  बेरोजगारी की समस्या को कुछ कम कर सकते हैं.

1.  जनसंख्या पर नियंत्रण से

यदि भारत सरकार जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए तो आने वाले समय में बेरोजगारी की समस्या को हम कम कर सकते हैं.

हमारा देश जनसंख्या के हिसाब से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है इसलिए यह सही समय है जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाए.

2. औद्योगिकीकरण

बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार को औद्योगिक क्षेत्रों में काम करना चाहिए जिससे लोगों को रोजगार मिल सके ताकि वे बेरोजगार से बाहर निकल सकें.

3. शिक्षा से

जितना देश शिक्षित होता उतना भी देश की विकास और बेरोजगारी कम होगी. इसलिए हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था को ठीक करना बहुत जरूरी है.

यदि आप शिक्षित हैं और कोई skills जानते तो आप internet के मदद से ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं. जिससे आप ख़ुद को बेरोजगारी से बाहर तो करते ही हैं साथ ही अपने देश के आर्थिक विकास में भी योगदान प्रदान करते हैं और लोगों को नए रोजगार भी प्रदान करते हैं.

4. विदेशी कंपनियां

नए रोजगार पाने के लिए आपकों विदेशी कंपनियों को अपने देश में खोलने के लिए प्रोत्साहित करना होगा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को रोजगार मिल सकें.

निष्कर्ष, 

इस आर्टिकल में आपने सीखा बेरोजगारी क्या है और इसके कितने प्रकार हैं और साथ ही हमारे देश में  बेरोजगारी के कारण और इसे कम करने के उपाय.

यह केवल एक भारत देश की समस्या नहीं है बल्कि कई देशों की समस्या का चिंतन बना हुआ है. और हम आशा करते हैं कि हमारी देश में इसके संदर्भ में कुछ ठोस कदम उठाए जाएंगे.

हमारी यह पोस्ट बेरोजगारी क्या हैं और इसके कितने प्रकार हैं से संबंधित आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमसे नीचे पूछ सकते हैं. हमारी कोशिश होती हैं आपके पीछे गए सवाल को जल्द से जल्द reply देने की.

हम आशा करते हैं कि हमारी आर्टिकल बेरोजगारी क्या हैं आपको अच्छी लगी होगी, यदि अच्छी लगी है तो इससे अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, परिवारजनों, इत्यादि के साथ सोशल मीडिया नेटवर्क जैसे कि  व्हाट्सएप, फेसबुक, टि्वटर आदि पर शेयर जरूर करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here